अंकित: अरे विवेक, आजकल तुम्हें भी हवा में कुछ बदलाव महसूस हो रहा है?
विवेक: हाँ अंकित, हवा पहले जैसी साफ नहीं रही, प्रदूषण बहुत बढ़ गया है।
अंकित: सही कहा, शहरों में धुआँ, धूल और गाड़ियों की वजह से हालत और खराब हो गई है।
विवेक: हाँ, कारखानों से निकलने वाला धुआँ भी पर्यावरण को नुकसान पहुँचाता है।
अंकित: इसके कारण लोगों को सांस लेने में भी परेशानी होने लगी है।
विवेक: हाँ, और कई लोग अस्थमा जैसी बीमारियों से भी पीड़ित हो रहे हैं।
अंकित: हमें इस समस्या को हल करने के लिए कुछ कदम उठाने चाहिए।
विवेक: बिल्कुल, हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए और प्रदूषण कम करने की कोशिश करनी चाहिए।
अंकित: और हमें गाड़ियों का कम इस्तेमाल करना चाहिए।
विवेक: सही कहा, तभी हम अपने वातावरण को साफ और सुरक्षित बना सकते हैं।
