परीक्षा प्रणाली पर संपादक को पत्र | Pariksha Pranali Par Sampadak Ko Patra

सेवा में,
संपादक महोदय,
दैनिक जागरण,
लखनऊ।

विषय – वर्तमान परीक्षा प्रणाली में सुधार के संबंध में।

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महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके लोकप्रिय समाचार-पत्र के माध्यम से वर्तमान परीक्षा प्रणाली की कुछ कमियों की ओर सरकार तथा शिक्षा विभाग का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ। आज की परीक्षा प्रणाली मुख्य रूप से केवल रटने पर आधारित हो गई है, जिससे विद्यार्थियों की वास्तविक योग्यता और ज्ञान का सही आकलन नहीं हो पाता।

विद्यार्थियों पर अधिक अंक लाने का अत्यधिक दबाव रहता है, जिसके कारण उनमें तनाव और चिंता बढ़ती जा रही है। इसके अतिरिक्त कई बार प्रश्न-पत्र का स्तर भी असंतुलित होता है, जिससे विद्यार्थियों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

अतः मेरा निवेदन है कि परीक्षा प्रणाली में ऐसे सुधार किए जाएँ जिससे विद्यार्थियों की समझ, रचनात्मकता और व्यावहारिक ज्ञान का सही मूल्यांकन हो सके। इससे शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी और विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास संभव होगा।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस विषय को अपने समाचार-पत्र में प्रमुखता से प्रकाशित कर संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित करने की कृपा करें।

धन्यवाद।

भवदीय,
एक जागरूक नागरिक
पता – __________
दिनांक – __________

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