परिभाषा
खंडकाव्य वह काव्य होता है जिसमें किसी विशेष घटना, व्यक्तित्व, भाव, या प्रसंग को संक्षिप्त, लेकिन पूर्ण रूप से चित्रित किया जाता है। इसमें पूरे महाकाव्य की तरह अनेक घटनाओं का वर्णन नहीं होता, बल्कि किसी एक विशेष विषय, दृश्य या पात्र पर ध्यान केन्द्रित किया जाता है। इसे छोटे काव्यखंड के रूप में लिखा जाता है, इसलिए इसे खंडकाव्य कहते हैं।
| 1 | कर्मवीर भरत | लक्ष्मीशंकर मिश्र ‘निशंक’ |
| 2 | मातृभूमि के लिए | डॉ. जयशंकर त्रिपाठी |
| 3 | मेवाड़-मुकुट | गंगारल पाण्डेय |
| 4 | जय सुभाष | विनोदचन्द्र पाण्डेय ‘विनोद |
| 5 | अग्रपूजा | पं० रामबहोरी शुक्ल |
| 6 | कर्ण | केदारनाथ मिश्र प्रभात |
| 7 | मुक्ति-दूत | डॉ० राजेन्द्र मिश्र |
| 8 | तुमुल | श्यामनारायण पाण्डेय |
| 9 | ज्योति-जवाहर | देवीप्रसाद शुक्ल ‘राही’ |
