अमन: अरे रोहित, तुम कमरे से निकलते समय लाइट और पंखा बंद करना भूल गए थे।
रोहित: ओह हाँ, ध्यान ही नहीं रहा, लेकिन इससे क्या फर्क पड़ता है?
अमन: फर्क पड़ता है यार, ऐसे ही छोटी-छोटी लापरवाहियों से बहुत ऊर्जा बर्बाद होती है।
रोहित: हाँ, यह बात तो सही है, हम कई बार बिना जरूरत के बिजली खर्च कर देते हैं।
अमन: और इससे बिजली का बिल भी बढ़ता है और संसाधनों की भी कमी होती है।
रोहित: सही कहा, अब से मैं ध्यान रखूँगा कि बेकार में कोई भी उपकरण चालू न रहे।
अमन: हमें दूसरों को भी इसके बारे में जागरूक करना चाहिए।
रोहित: हाँ, और सौर ऊर्जा जैसे साधनों का उपयोग भी बढ़ाना चाहिए।
अमन: अगर हम सब मिलकर कोशिश करें, तो काफी ऊर्जा बचाई जा सकती है।
रोहित: बिल्कुल, छोटी-छोटी आदतें ही बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
